Essay on Marie Curie मैरी क्यूरी पर निबंध

Twice a Nobel laureate in the world of science, the outstanding character known as Madame Curie had put her life at stake that would make an invaluable contribution to the progress of science by doing weeks of research in the field of radioactivity, not a generation. For two generations, he has been known as a Nobel laureate, a member of the entire Currie family, Madame Curie, born Po He was born in the Buddhist Shobha in the country, his birth name was Mary Shukla, the doors of Bar Shobha University were closed for the women who had just completed their primary education, so the father sent him to Paris where he received his post-graduation from science today from Shravan University. He was befriended by the same scientist Pierre Curie, who later married and he became famous and famous in the university itself. The knowledgeable professor worked as an aid to the rail. One day, taking out pieces of uranium from the drawer, Photo Pretty Pauli, after seeing a strange trap on the plates, she was ordered to do research. The Curie couple tried to ask the Austrian government to give them 10,000 kg of paint uranium. The government gave up the ore available in the sapling of Mian, free of charge, and then the government tied the request and started putting big hair in tow and mixing it with bamboo The tomb of running them with colors was difficult, but for one night of number 98, I opened the door of the desired light and found that a pinch of substance found in the test tube kept in the test tube was throwing a mysterious bright light, they lit the light, then the brightness disappeared. Yuri couple got hundreds of times radio active and thousands of times more precious than gold Yuri couple got Nobel Prize suddenly on April 19 from Piya Re Baddi Siri and the speeding truck coming from the front crushed them. Jeev’s rich Mary did not lose her courage. She continued working day and night in the laboratory. In 1910 she was successful in getting radium in pure element state. The result again won the Nobel Prize. Continuously radioactive. She got blood cancer and eye damage due to contact. Sahrya Mary, the daughter of tireless service of intestines in the war, Damad was born in 1935 Nobel was found on making an element of religion, but this great scientific practitioner closed his eyes forever in Paris in his former Bela, Madame Curie discovered radio, discovered radium, and spent her life day after day claiming a great scientist. She is known as Madame Curie.

विज्ञान के दुनिया में दो बार नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली विलक्षण खासियत जिनका नाम मैडम क्यूरी के नाम से जाना जाता है वह अपना जीवन पूरे दांव पर लगा दी थी जो रेडियोधर्मिता के क्षेत्र में सप्ताह अनुसंधान कर विज्ञान की प्रगति में अमूल्य योगदान दें एक पीढ़ी नहीं दो पीढ़ियों तक उन्हें नोबेल पुरस्कार विजेता के रूप में जाना जाता है पूरे क्यूरी परिवार की सदस्य मैडम क्यूरी का जन्म पोलैंड में बौद्ध शोभा में हुआ था उनका जन्म का नाम था मेरी शक्ल तो बस का चुकी मुख्य शिक्षा प्राप्त महिलाओं के लिए बार शोभा विश्वविद्यालय के द्वार बंद थे लिहाजा से पिता ने पेरिस भेजा जहां श्रवन विश्वविद्यालय से उन्होंने विज्ञान से आज स्नातकोत्तर परीक्षा प्राप्त कर उनकी वही वैज्ञानिक पियरे क्यूरी से मित्रता हुई जो बाद में दोनों ने शादी कर ली और वह विश्वविद्यालय में ही उसने प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर रेल की सहायता के रूप में काम किया 1 दिन दराज से यूरेनियम के टुकड़े निकालकर फोटो प्रिटी पौली तो प्लेटों पर अजीब सा जाल देखकर उसे शोध करने की आज्ञा मिल गई क्यूरी दंपति ने आस्ट्रिया सरकार से आजना की कि वह उन्हें 10000 किलो पेंट यूरेनियम का बोही मियां में उपलब्ध अयस्क खनिज निशुल्क दे दे सरकार ने अनुरोध बांध लिया फिर शुरू हुआ बड़े बड़े बाल टो में ल** डालकर पानी मिलाकर बांस के रंगों से उन्हें चलाने का मकबरा कठिन दौर था मगर नंबर 98 की एक रात के लिए मनचाही मुराद लेकर आई का द्वार खोला तो पाया कि परखनली में रखा पिच ब्लैंड से मिला चुटकी भर पदार्थ रहस्यमई चमकीला प्रकाश फेक रहा है उन्होंने बत्ती जलाई तो चमक लुप्त हो गई यह रेडियम यूरेनियम से सैकड़ों गुना रेडियो एक्टिव और सोने से हजारों गुना कीमती यूरी दंपति को नोबेल पुरस्कार मिला 19 अप्रैल को पिया रे बद्दी से अचानक गिरी और उन्हें सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद डाला जीवट के धनी मेरी ने हिम्मत नहीं हारी वह रात दिन प्रयोगशाला मथक काम करती रही 1910 में वह रेडियम को शुद्ध तत्व अवस्था में प्राप्त करने में सफल रही नतीजा पुनः नोबेल पुरस्कार मिला लगातार रेडियोधर्मी संपर्क से उन्हें रक्त कैंसर हो गया और आंखें खराब हो गई सहृदय मेरी ने युद्ध में आंतों की अथक सेवा की पुत्रियों दमाद को 1935 में कृत्रिम रेडियोधर्मी तत्व बनाने पर नोबेल मिला लेकिन इस महान वैज्ञानिक साधिका ने उसकी पूर्व बेला में पेरिस में सदा के लिए आंखे बंद कर ली मैडम क्यूरी रेडियो की खोज की रेडियम की खोज की और अपना जीवन दाव पर लगाकर रात दिन एक कर के नाम प्राप्ति महान वैज्ञानिक के रूप में उन्हें मैडम क्यूरी से जाना जाता है

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